यह पुस्तक इस शर्त  विक्री  किजारही है कि  प्रका शक कि लिखत पूवानुमित के बिना इसे या इस के किसी भी हिंसे
को न तो पुन: प्रकाशित  किया जा सकता है और न ही किसी भी अन्य  तरीके से किसी भी रुपमे इसका ब्याबसाहिक
उपयोग किया जा सकता है | यदि  कोई व्यक्ति ऐसा करता हैतो उस कि उपर कानूनी कारवाई कि जाएगी।

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