सृि᳥ कᳱ रचना केᮧयोजन को जाननेकᳱ उ᭜क᭛ठा अित ᮧाचीनकाल सेमानव-िच᭠तन को झकझोरती रही ह।ै इस
रह᭭य को जाननेकᳱ िज᭄ासा नेस᭤यता केशैशवकाल सेही बौि᳍क िवकास केसाथ-साथ सम᭭त दाशᭅिनक
िच᭠तन को ᳰदशा-िनदिᱷशत ᳰकया ह।ै ᮩᳬा᭛ड कᳱ उ᭜पिᱫ ᳰकस ᮧकार ᱟई, यह कहाँसेआया, ᭍या यह सदवै से
अि᭭त᭜व मᱶथा या इसका कोई रचियता ह,ै ᭍या िव᳡-पटल पर बुि᳍जीवी मनु᭬य का ᮧादभु ाᭅव माᮢ एक
सांयोिगक घटना हैअथवा मनु᭬य केिलए ᮩᳬा᭛ड कᳱ रचना कᳱ गई, आᳰद अनेक ऐसेगूढ़ ᮧ᳤ हᱹिजनकेिववेचन
केिलए शाᳫᲂ कᳱ रचना कᳱ गई। ऐसा लगता ह,ै अित ᮧाचीनकाल मᱶभारत के(म᭠ᮢᮤ᳥ा) ऋिष अपनी
आ᭟याि᭜मक ᭃमताᲐ को िवकिसत करकेऐसेिन᭬कषᲄ पर पᱟचँ ेजो आधुिनक समय मᱶᮧ᭭तािवत ᮩᳬा᭛ड के
िविभ᳖ मॉडले ᲂ केकाफᳱ अनुᱨप ह।ᱹ यह िन᳟य ही एक सुखद आ᳟यᭅह।ै

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